1. Hindi News
  2. पैसा
  3. बिज़नेस
  4. भारत की GDP ग्रोथ को लेकर IMF का बड़ा अनुमान, 2026 और 2027 में 7% की रफ्तार से बढ़ेगी अर्थव्यवस्था

भारत की GDP ग्रोथ को लेकर IMF का बड़ा अनुमान, 2026 और 2027 में 7% की रफ्तार से बढ़ेगी अर्थव्यवस्था

 Written By: Shivendra Singh
 Published : Oct 13, 2026 08:26 am IST,  Updated : Oct 13, 2026 08:26 am IST

दुनिया की कई अर्थव्यवस्थाएं महंगे तेल और वैश्विक अनिश्चितता के दबाव से जूझ रही हैं, लेकिन भारत की आर्थिक रफ्तार मजबूत बनी हुई है। अंतरराष्ट्रीय मुद्रा कोष (IMF) ने भारत की GDP ग्रोथ को लेकर अपना अनुमान बढ़ा दिया है।

IMF का भारत की...- India TV Hindi
IMF का भारत की अर्थव्यवस्था पर बड़ा अनुमान Image Source : CANVA

दुनिया की कई अर्थव्यवस्थाएं महंगे कच्चे तेल और वैश्विक अनिश्चितता के कारण दबाव का सामना कर रही हैं, लेकिन भारत की आर्थिक रफ्तार मजबूत बनी हुई है। अंतरराष्ट्रीय मुद्रा कोष (IMF) ने भारत की GDP ग्रोथ को लेकर अपना अनुमान बढ़ा दिया है। IMF के मुताबिक, भारत की अर्थव्यवस्था 2026 और 2027 में 7% की दर से बढ़ सकती है। घरेलू मांग में मजबूती और सर्विस सेक्टर की बेहतर गतिविधियों को इस बढ़ोतरी की प्रमुख वजह माना गया है।

IMF ने क्यों बढ़ाया भारत की ग्रोथ का अनुमान?

IMF ने अक्टूबर 2026 की अपनी वर्ल्ड इकोनॉमिक आउटलुक रिपोर्ट में 2026 के लिए भारत की आर्थिक वृद्धि का अनुमान जुलाई में बताए गए 6.4% से बढ़ाकर 7% कर दिया है। यानी अनुमान में 0.6 प्रतिशत अंक की बढ़ोतरी की गई है। अप्रैल के अनुमान के मुकाबले यह 0.5 प्रतिशत अंक अधिक है। वहीं, 2027 के लिए भी IMF ने भारत की GDP ग्रोथ का अनुमान बढ़ाकर 7% कर दिया है। जुलाई के अनुमान के मुकाबले इसमें 0.3 प्रतिशत अंक और अप्रैल के अनुमान के मुकाबले 0.5 प्रतिशत अंक की बढ़ोतरी हुई है।

IMF के अनुसार, भारत में घरेलू मांग मजबूत बनी हुई है और सर्विस सेक्टर अच्छा प्रदर्शन कर रहा है। इन कारणों से महंगे कच्चे तेल के बावजूद अर्थव्यवस्था की रफ्तार कायम रहने की उम्मीद है।

भारत की अर्थव्यवस्था को इन चीजों से मिल रहा सहारा

IMF का मानना है कि भारत की आर्थिक संभावनाएं बेहतर हुई हैं। इसके पीछे कई अहम कारण हैं:

  • मजबूत घरेलू बाजार: देश में खपत और मांग आर्थिक गतिविधियों को सहारा दे रही है।
  • सर्विस सेक्टर में तेजी: सेवाओं से जुड़ी गतिविधियां विकास में अहम भूमिका निभा रही हैं।
  • अनुकूल जनसांख्यिकी: भारत की युवा आबादी लंबे समय में आर्थिक विकास की संभावना बढ़ाती है।
  • संरचनात्मक सुधार: लगातार हो रहे आर्थिक सुधारों से विकास की क्षमता मजबूत होने की उम्मीद है।

IMF के मुताबिक, भारत उन उभरती अर्थव्यवस्थाओं में शामिल है, जिनकी विकास संभावनाओं को लेकर अनुमान में सुधार किया गया है।

दुनिया की अर्थव्यवस्था की रफ्तार रहेगी धीमी

भारत के मुकाबले वैश्विक अर्थव्यवस्था की स्थिति कुछ कमजोर रहने का अनुमान है। IMF ने 2026 में वैश्विक विकास दर 3.1% और 2027 में 3.4% रहने का अनुमान लगाया है। चीन की GDP ग्रोथ 2026 में 4.5% और 2027 में 4% रहने का अनुमान है। वहीं, उभरते और विकासशील एशियाई देशों की वृद्धि दर 2025 के 5.6% से घटकर 2026 में 5.1% और 2027 में 4.9% रहने की संभावना है।

भारत के सामने क्या हैं चुनौतियां?

बेहतर अनुमान के बावजूद भारत के लिए महंगा कच्चा तेल एक बड़ा जोखिम बना हुआ है। तेल की कीमतें ऊंची रहने से आयात बिल बढ़ सकता है और महंगाई पर दबाव पड़ सकता है। इसके अलावा, वैश्विक अनिश्चितता भी मांग और विकास को प्रभावित कर सकती है।

यह भी पढ़ें- बेकाबू होती जा रही महंगाई, सितंबर में खुदरा मुद्रास्फीति बढ़कर हुई 5.54 प्रतिशत

Advertisement

India TV हिंदी न्यूज़ के साथ रहें हर दिन अपडेट, पाएं देश और दुनिया की हर बड़ी खबर। Business से जुड़ी लेटेस्ट खबरों के लिए अभी विज़िट करें पैसा।